●अगर टेलीकॉम कंपनियों की सिफारिशों को मंजूरी मिल जाती है तो वो दिन दूर नहीं जब मोबाइल डाटा की कीमतों में 10 गुना उछाल देखने को मिल सकता है.
●अभी भारत में मोबाइल डाटा की औसत कीमत लगभग 19 रुपये प्रति जीबी है. वहीं विश्व में मोबाइल डाटा की औसत कीमत लगभग 650 रुपये प्रति जीबी है.
●दरअसल मोबाइल सर्विस प्रोवाइर कंपनियां मोबाइल डाटा के लिए फ्लोर रेट तय करने की मांग कर रही हैं.
●फ्लोर रेट मोबाइल डाटा के लिए न्यूनतम मूल्य होगा. ऐसा होने पर सभी कंपनियों को न्यूनतम मूल्य पर ही अपने मोबाइल डाटा के पैक की कीमतें तय करनी होंगी.
●आपको बता दें कि वोडाफोन-आइडिया जैसी कंपनियां कर्ज में डूबी हुई हैं. वहीं रिलायंस जिओ भी चाहता है कि फ्लोर रेट तय किए जाएं.
●फ्लोर रेट न होने के कारण टेलीकॉम कंपनियां मोबाइल डाटा की कीमतें खुद तय करती हैं. ऐसे में उनको मार्केट की दौड़ में बने रहने के लिए सस्ता मोबाइल डाटा देना पड़ता है.
●वोडाफोन ने 35 रुपये प्रति जीबी डाटा देने की मांग की है. वहीं एयरटेल ने 30 रुपये प्रति जीबी और रिलायंस जिओ ने 20 प्रति जीबी फ्लोर रेट रखने की मांग की है.
●अगर टेलीकॉम कंपनियों की सिफारिशें मान ली जाती हैं तो औसतन 25 रुपये प्रति जीबी तक डाटा की कीमतें चुकानी पड़ सकती हैं.
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