कानपुर। कानपुर के स्वरूप नगर क्षेत्र स्थित राजकीय संवासिनी गृह में गर्भवती किशोरियों का मामला अब तूल पकडता जा रहा है तथा अब इसपर राजनीति भी शुरू हो गयी है। मामला लखनऊ तक जा पहुंचा है। सभी का एक ही प्रश्न है कि आखिर संवासिनी गृह में किशोरियां कैसे गर्भवती हो गयी। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा तथा उ0प्र0 के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस सम्बनध में बयान देकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। . सूत्रों की माने तो संवासिनी गृह में ऐसी किशोरियां आती है जो घर से भाग जाती है और फिर किसी न किसी प्रकार व संवासिनी गृह पहुंच जाती है। बताया जाता है कि कानपुर सहित आसपास कन्नौज, आगरा, फिरोजाबाद, ऐसा आदि से भी आई किशोरियों को यहा रखा गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार का कहना है कि गर्भवती किशोरियों की जांच के लिए सप्ताह में दो बाद गायनकोलाॅस्टि आती है तथा उनकी सलाह पर जांच के लिए कई बार अस्पताल भी भेजा जाता है। उन्होने कोरोना संक्रमण के दौरान उनके एचआइवी और हेपेटाइटिस सी पीडित होने की रिपोर्ट पर भी हैरानी जताई जो जांच पहले ही होनी चाहिये थी। वहीं जिलाधिकारी ब्रम्हदेव राम तिवारी का कहना है कि मेडिकल और बाल कल्याण समिति के आदेश के बाद ही बालिकाओं को यहां रखा जाता है तथा इससे पहले बालिकाओं की यूपीटी जांच भी हुई थी जो पाॅजिटिव आई थी। किस प्रकार से उन्हे यहां कोरोना संक्रमण हुआ, इसका संपर्क तलाशा जा रहा है।
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