300 किसानों पर एफपीओ, जिसमें दो करोड़ रुपए तक का शासन द्वारा ऋण- कैलाश
कानपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (अटारी) जोन 3 कानपुर एवं चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय 27 वी वार्षिक कृषि विज्ञान केंद्रों की क्षेत्रीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली ने अपने उद्बोधन में किसानों का 2022 तक दोगुनी आए करने हेतु 5 बातों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पशु पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, खाद्य सुरक्षा में आत्मनिर्भर, दलहन तिलहन में अच्छे बीजों की उपलब्धता से आत्मनिर्भर की ओर कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से अच्छा कार्य हुआ है। सरकार ने प्रदेश में 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने में निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों का आवाहन किया है कि नॉलेज सेंटर के रूप में विकसित कर किसानों को आगे बढ़ाने में आगे आएं। कृषि विज्ञान केंद्र को कुछ गंभीर चुनौतीपूर्ण अवसर में बदलने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि प्रत्येक को 2 गांव चयन कर मॉडल ग्राम के रूप में मनरेगा की मदद से एकीकृत फसल प्रणाली एवं जैविक खेती, खाद्य प्रसंस्करण, पैकिंग, मार्केटिंग से किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प पूरा करें। इस अवसर पर महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली डॉ त्रिलोचन महापात्र ने किसानों की आय दोगुनी करने हेतु कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से प्रशिक्षण द्वारा किसानों की आय क्षमता विकास, जल संचय एवं अन्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सजगता से काम करने पर बल दिया । डॉक्टर महापात्र ने कृषि विज्ञान केंद्र के कार्मिकों के पेंशन व सातवें वेतनमान की समस्याओं की तरफ भी विश्वविद्यालयों एवं राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यों की प्रशंसा की। कार्यशाला में अटारी कानपुर के निदेशक डॉ अतर सिंह ने जोन 3 के कृषि विज्ञान केंद्रों की उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी एवं सभी अतिथियों का स्वागत किया डॉक्टर ए के सिंह उप महानिदेशक (कृषि प्रसार) ने कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों को प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, मार्केटिंग एवं मौसम विज्ञान की सलाह के अनुरूप काम करने की सलाह दी।कृषि विज्ञान केंद्रों की समस्या पर भी समाधान कराने हेतु राज्य सरकार का सहयोग मांगा।इस अवसर पर पूर्व कृषि राज्यमंत्री एवं वर्तमान खाद्य एवं रसद मंत्री उत्तर प्रदेश श्री राघवेंद्र प्रताप सिंह ने जैविक खेती पर अपने अनुभव साझा किए। *इस अवसर पर चंद्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति डॉक्टर डी.आर. सिंह ने विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्रों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहां की कृषि विज्ञान केंद्र ही एक ऐसी संस्था है ।क्योंकि कृषि तकनीकी प्रसार एक महत्वपूर्ण कार्य है*। इस कार्यक्रम में निदेशक प्रसार डॉक्टर धूम सिंह एवं उत्तर प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति, निदेशक गण आईसीआर संस्थाओं के निदेशक एवं कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक ऑनलाइन उपस्थित रहे उद्घाटन सत्र के समापन अवसर पर अटारी कानपुर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ शांतनु कुमार दुबे ने मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष सहित सभी विशिष्ट अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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