- बेबसाइट के द्वारा कोरोना पाॅजिटिव रोगियों का डाटा इस पोर्टल पर रजिस्टर होते ही संबंधित रोगी के मोबाइल नंम्बर पर एक एसएमएस आयेगा, जिसमें दिये गये लिंक पर क्लिक करने पर उस रोगी का सर्वे फार्म खुल जायेगा। रोगी के द्वारा दिये गये जबाबों के आधार पर एप्लीकेशन रोगी को बिना लक्षण वाले वातावरण या लक्षणों सहित सिम्पटौमैटिक रोगी के रूप में वर्गीकृत कर देगी
कानपुर। मण्डलायुक्त डा0 सुधीर एम बोबडे ने कैम्प कार्यालय में एकीकृत कोरोना रोगी प्रबंधन प्रणाली हेतु बेबसाइट www.icpmskanpur.in का शुभारम्भ किया। उन्होंने बताया है कि इस एप्लीकेशन के माध्यम से शहर के कोरोना पाॅजिटिव रोगियों का प्रबंधन किया जायेगा। इस एकीकृत कोरोना रोगी प्रबंधन प्रणाली के द्वारा सीएमओ अपने लाॅगिन पैनल पर सभी रोगियों की स्थिति पर नजर रखेंगे तथा यह देख सकेंगे की किस फैकल्टी में कितने बेड आवंटित है तथा कितने खाली है।
उन्होंने बताया है कि इस बेबसाइट के द्वारा कोरोना पाॅजिटिव रोगियों का डाटा इस पोर्टल पर रजिस्टर होते ही संबंधित रोगी के मोबाइल नंम्बर पर एक एसएमएस आयेगा, जिसमें दिये गये लिंक पर क्लिक करने पर उस रोगी का सर्वे फार्म खुल जायेगा। रोगी के द्वारा दिये गये जबाबों के आधार पर एप्लीकेशन रोगी को बिना लक्षण वाले वातावरण या लक्षणों सहित सिम्पटौमैटिक रोगी के रूप में वर्गीकृत कर देगी। यदि रोगी अपने लक्षणों के आधार पर बिना लक्षणों वाले वातावरण रोगी के रूप में वर्गीकृत किया जाता है तो वह घर पर रहकर इलाज जारी रखने का विकल्प ले सकता है। यदि रोगी का वर्गीकरण लक्षणों सहित सिम्पटौमैटिक रोगी के रूप में होता है, तो उसे अनिवार्य रूप से अस्पताल जाकर इलाज करवाना होगा। बिना लक्षणों वाले रोगी की सूचना नोडल अधिकारी- RRT (रैपिड रिस्पान्स टीम) को उनके लाॅगिन पैनल पर मिलेगी। नोडल अधिकारी RRT अपने अधीन RRT टीम को संबंधित रोगी लिए अधिकृत करेंगे। RRT टीम के सर्वे के अनुसार रोगी के घर पर रहकर इलाज होम आसोलेशन करने के विकल्प को नोडल अधिकारी- RRT द्वारा निरस्त किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया है कि ऐसे रोगी जो सिम्पटौमैटिक है या जिनके होम आइसोलेशन के विकल्प को निरस्त कर दिया गया है या जिन A-सिम्पटौमैटिक रोगियों ने घर पर रहकर इलाज कराने का निर्णय लिया है, उनकी सूचना नोडल अधिकारी फैकल्टी एलोकेशन को अपने-अपने लाॅगिन पैनल पर दिखेगी। नोडल अधिकारी फैकल्टी एलोकेशन रोगी के लक्षणों के आधार पर उसे फैकल्टी आंवटित करेंगे।
फैकल्टी आंवटित होते ही इसकी सूचना नोडल अधिकारी एम्बुलेंस एलोकेशन को उनके लाॅगिन पैनल में मिल जाएगी। नोडल अधिकारी एम्बुलेंस एलोकेशन रोगी के पते तथा आवंटित के आधार पर उसे एम्बुलेंस आवंटित करेंगे। एम्बुलेंस जब रोगी को फैकल्टी में छोडेगी, तब फैकल्टी इंचार्ज अपने लाॅगिन पैनल से उस रोगी को एडमिट करेंगे। उपचार के उपरांत फैकल्टी इंचार्ज उस रोगी को डिस्चार्ज करने की कार्यवाही करेंगे।इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट हिमान्शू गुप्ता सहित संकल्प गुप्ता, वैभव गुप्ता एवं दिनेश शर्मा उपस्थित रहे।
Comments
Post a Comment