कृषि महाविद्यालय ने शुरू किया वन महोत्सव सप्ताह के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान

 



वन महोत्सव सप्ताह के पावन पर्व पर बख्शी का तालाब

बख्शी का तालाब स्थित चंद्रभानु गुप्ता कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिछले दो दशक से वन महोत्सव सप्ताह मनाता चला आ रहा है। इस उपलक्ष्य में महाविद्यालय प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई से 7 जुलाई तक विलुप्त रही पौधों की प्रजातियों के रोपण करने का कार्य करता है। महाविद्यालय के द्वारा आस-पास के गांव में विलुप्त हो रहे पौधे जिसमें अमलतास, कैथा, इमली, आम की देसी प्रजातियां, महुआ, खिरनी, बांस की विभिन्न प्रजातियां, शीशम, सागौन, नीम, चिलवल, जामुन, बालम खीरा, आंवला एवं बेल के पौधों के रोपण का कार्य किया जाता है। आपदा के समय में ऑक्सीजन के स्तर को वातावरण में सामान बनाए रखने के लिए तथा प्रदूषण को कम करने के लिए महाविद्यालय ने अभियान शुरू किया है, जुलाई के प्रथम सप्ताह में जहां से लोगों का अधिक गुजरना होता है और अनुपयोगी भूमि पड़ी हुई हैं वहां पर बरगद, अशोक, अर्जुन, जामुन, पीपल एवं पाकर तथा देसी आम के पौध रोपण का कार्य किया जा रहा है, इस उपलक्ष्य में महाविद्यालय 200 से अधिक वृक्षों का रोपण किया गया। चंद्र भानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के महामंत्री बैजनाथ प्रबंधक तेज प्रताप सिंह  ने बताया कि महाविद्यालय विद्यालय द्वारा वृहद वृक्षारोपण का कार्यक्रम प्रारंभ कर दिया गया है शीघ्र ही प्रत्येक गांव में महाविद्यालय द्वारा वृक्षारोपण किया जाएगा और निशुल्क पौध वितरण किए जाएंगे।  श्री रावत ने बताया कि वनों का 33 रकबा होना चाहिए जो कि अभी सिर्फ 22% ही है और उत्तर प्रदेश में यह 6% है जो चिंता का विषय, इसे बढ़ाने की आवश्यकता है इस अवसर पर प्राणवायु उत्पन्न करने वाले पौधों का वृक्षारोपण किया जा रहा है। वन महोत्सव सप्ताह के पावन पर्व पर महाविद्यालय के प्राचार्य  प्रो योगेश कुमार शर्मा ने बताया कि महाविद्यालय परिसर मे बिलुप्त हो रहे हो रहे पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान दे रहा है साथ में महाविद्यालय में भेषज उद्यान बना रखा है, महाविद्यालय में 1000 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष लगे हुए हैं, प्रो शर्मा ने बताया कि  कृषि महाविद्यालय एवं  क्लीन  एंड ग्रीन एनवायरमेंट सोसायटी, लखनऊ  के सहयोग से गांव में ऑक्सीजन वाटिका बनाने का काम प्रारंभ करने जा रहा है। चंद्रभान गुप्ता कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एक दशक पहले महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक स्वर्गीय बाबू भगवती सिंह ने नेशनल हाईवे संख्या 24 से चंद्रिका देवी मंदिर, बख्शी का तालाब कठवारा तक हजारों की संख्या में रोड के दोनों तरफ वृक्षों का वृक्षारोपण कराया था जिसका  मनमोहक दृश्य आज देखने को मिल रहा है रोड के दोनों तरफ औषधिय एवं फलदार तथा ऑक्सीजन उपलब्ध कराने वाले पौधे  लगवाए थे। उनका सोचना था कि वृक्ष ही जीवन को सुरक्षित रख सकते हैं वह प्रत्येक वर्ष वृक्षारोपण से कराते थे। महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी शिवमंगल चौरसिया ने बताया कि महाविद्यालय प्रत्येक वर्ष विलुप्त हो रहे पौधों को निशुल्क वितरित करने का काम करता है इसके लिए महाविद्यालय में अलग से नर्सरी तैयार की जाती है। इस अवसर पर महाविद्यालय कि बच्चा रोपण अभियान में डॉ हृदय नारायण तिवारी, डॉ योगेंद्र कुमार सिंह,  डॉ ऊरुज आलम सिद्दीकी, डॉ धर्मेश कुमार सिंह, डॉ आशुतोष श्रीवास्तव, श्रीमती प्रतिमा सिंह, मनोज कुमार सिंह, डॉ लल्लन प्रसाद यादव, डॉ जसकरन, डॉ दीपक पांडे,  डॉ प्रमोद कुमार मिश्रा, डॉ सुधीर रघुवंशी, जितेंद्र कुमार बाजपेई, शिव बहादुर सिंह चौहान, धीरेंद्र प्रताप सिंह, रणजीत सिंह चौहान, संत पाल यादव, गुलाब यादव, अतुल मिश्रा,उमेश कुमार, दिलीप कुमार, यासमीन फातमा, प्रेम बाबू चौरसिया,विजय कुमार सिंह, मेवालाल, रामप्रकाश, पवन, रिंकू रावत, चंद्रशेखर  एवं श्याम सहित सभी कर्मचारी ने इस अभियान में हिस्सा लिया।

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