गीता में ही नहीं गांधी के दर्शन में भी है समस्याओं का समाधान

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जीवन की प्रत्येक समस्या का समाधान गाँधीदी दर्शन में देखने को मिलता है। डॉ. शिखा सक्सेना से गांधीवादी दर्शन के सार्वभौमिक पहलू पर चर्चा करते हुये वर्तमान में उसकी उपयोगिता बताई
 
कानपुर नगर/ राजनीति विज्ञान विभाग, डी०बी०एस० कालेष कानपुर, द्वारा "आधुनिक भारता में महात्मा गाँधी के विचारों की प्रसंगिकता विषय पर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती वन्दना के साथ किया गया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. आर. के. त्रिपाठी ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि गाँधी दर्शन प्रत्येक युग में प्रासंगिक है। उनका दर्शन एक सार्वभौगिक छात्र- सत्य है। जीवन की प्रत्येक समस्या का समाधान गाँधीदी दर्शन में देखने को मिलता है। डॉ. शिखा सक्सेना से गांधीवादी दर्शन के सार्वभौमिक पहलू पर चर्चा करते हुये वर्तमान में उसकी उपयोगिता बताई। डॉ० प्रीती सिंह ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि अगर हमें जीवन में सफल होना है तो गाँधीवादी दर्शन को अपने जीवन में उतासा होगा। उसे मन, वचन व कर्म से स्वयं में आत्मसात करना होगा। कार्यक्रम में सभी - छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान विभाग के सेन्टोर के रूप में छात्र-छात्राओं को नियुक्त किया गया।

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